T8 मातूम (बेल) हर्बल चाय
पेय बनाने के लिए धूप में सुखाई गई फल की फाँकें इस्तेमाल होती हैं। इस पेय में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन C, प्रो-विटामिन A, लोहा, फ़ॉस्फ़ोरस और कैल्शियम भरपूर होते हैं। थाई परंपरा में इसे गले और छाती की रोज़मर्रा की देखभाल से जोड़ा जाता रहा है। बेल भारत में भी सदियों से जाना-पहचाना फल है।
स्टॉक में
पैकेजिंग सहित वज़न (शिपिंग गणना के लिए): 130 g
विवरण
100 ग्राम
बनाने की विधि
2 फाँकों पर 2 लीटर गरम पानी डालकर थर्मस में रखें
2-3 फाँकों को 2 लीटर पानी में उबालें और तैयार पेय दिन भर में 3-4 बार पिएँ
250 मिली के कप में 1 फाँक डालें। 10-15 मिनट रखा रहने दें। एक ही फाँक को 3-4 बार इस्तेमाल किया जा सकता है
भंडारण
तैयार पेय को कमरे के तापमान पर 2 दिन से अधिक न रखें; सूखी चाय को सीधी धूप से दूर, 15 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने की सलाह दी जाती है
साथ में
- मौसम बदलने के दिनों में N14 फ़ार तालाय जोन के साथ
- गले और छाती की रोज़मर्रा की देखभाल में N19 बोरापेद के साथ
- No.51 या डोम इनहेलर
किन्हें नहीं लेना चाहिए
कोई ज्ञात प्रतिबंध नहीं
मुख्य सामग्री
Aegle marmelos (बेल)









